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खेल-जगत

12 साल पहले खोया पति, 41 की उम्र में जीते 3 गोल्ड मेडल

नागदा

नागदा की बेटी दीपा (गंगा) डोडिया ने थाईलैंड में आयोजित पावर लिटिंग प्रतियोगिता में भारत का परचम लहराया है। विगत 11 मई को पटाया (थाईलैंड) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिटिंग प्रतियोगिता में 41 साल की दीपा ने अंडर 60 किलो मास्टर-1 कैटेगरी में 80 प्रतिभागियों को मात देकर तीन गोल्ड हासिल कर पहला स्थान हासिल किया है।

 इसी के साथ दीपा ने आगामी माह में रशिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय पावर लिटिंग प्रतियोगिता में स्थान जमा लिया है। प्रतियोगिता में तीन रैफरी की मौजूदगी में 7 से 8 सेकंड तक भार उठाना होता है, इसके मुकाबले दीपा ने 10 सेकंड तक 265 किलो भार उठाकर बडी उपलब्धि हासिल की है।

जेवर, कपड़े, खिलौने बेचे फिर बनी पावर लिटर
पावर लिटिंग में मुकाम हासिल करने की दीपा की कहानी बेहद मार्मिक है। दरअसल, नागदा के श्रीराम कॉलोनी की बेटी दीपा का ब्याह रतलाम जिले के गांव नगरा के रहने वाले गजराजसिंह डोडिया के साथ हुआ था। वे बीते कुछ सालों से अपने बड़े बेटे यश के साथ पुणे में रह रही है। यश पुणे की आइटी कंपनी में नौकरी करते है। 2013 में सडक़ दुर्घटना में पति गजराज का निधन हो गया था। पति की मौत से दीपा मानसिक रुप से टूट चुकी थी। बच्चों की परवरिश के लिए दीपा ने मॉल में काम किया, जेवर, खिलौने भी बेचे।

फिर उन्हें खिलाड़ी बनने का जुनून सवार हुआ। 2016 से उन्होंने पावर लिटिंग की ट्रेनिंग लेना शुरू की। इस दौरान अपनों ने उनका मनोबल बढ़ाने की बजाए उल्टा ताने सुनाएं, कहा- इस उम्र में पावर लिटिंग कहां तक सही है। मगर जिद की पक्की दीपा अपने लक्ष्य से नहीं भटकी और 38 साल की उम्र में उन्होंने पावर लिटिंग खेलना शुरू किया। अब 41 की उम्र में वे एक बेहतर पावर लिटर बनकर उभरी है।

दो साल में एक भी स्पर्धा नहीं हारी
पावर लिटिंग सीखने के बाद दीपा ने दो साल में राज्य, राष्ट्र व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 8 से 10 प्रतियोगिताएं खेली। इसमें से एक भी प्रतियोगिता दीपा हारी नहीं है। इससे पहले 23 फरवरी को सूरत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावर लिटिंग प्रतियोगिता में तीन गोल्ड हासिल किए थे।

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