<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

तुर्की की कंपनी असिस गार्ड का ठेका इंदौर में रद्द , कंपनी फेयर कलेक्शन का काम करती थी, मेयर के आदेश पर फैसला

इंदौर
 तुर्की की कंपनी को इंदौर में बड़ा झटका लगा है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने तत्काल प्रभाव से तुर्की स्थित असिस गार्ड कंपनी का बीआरटीएस (बेस्ड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) पर फेयर कलेक्शन सिस्टम का ठेका निरस्त कर दिया है। निगम के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मेयर को पता चला कि यह जिम्मेदारी विदेशी कंपनी के पास है, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को तुरंत टेंडर रद्द करने का आदेश दिया।

2019 से फेयर कलेक्शन कर रही कंपनी

जानकारी के मुताबिक असिस गार्ड कंपनी ने 2019 से इंदौर बीआरटीएस फेयर कलेक्शन सिस्टम की आपूर्ति एवं मेंटेनेंस का कार्य संभाला हुआ था। पिछले सप्ताह हुई बोर्ड बैठक में पहले ही यह निर्णय लिया गया था कि बीआरटीएस पर काम करने वाली सभी कंपनियों के ठेके निरस्त किए जाएंगे, क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश पर बीआरटीएस को तोड़ने का काम किया जाना है।

भोपाल–इंदौर मेट्रो का भी मिला है काम

असिसगार्ड को मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन ने बीते वर्ष भोपाल–इंदौर मेट्रो के 53 स्टेशनों पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने के लिए इंटरनेशनल टेंडर (कुल राशि 230 करोड़) में 186.52 करोड़ की बोली लगाने पर यह ठेका दिया था। इसके प्रतिद्वंद्वी NEC कॉर्पोरेशन इंडिया ने 204.57 करोड़ का प्रस्ताव रखा था।

भोपाल में कई जगहों पर काम

जब ठेका मिला, तो कंपनी ने भोपाल के सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर एवं रानी कमलापति स्टेशनों पर गेट एवं टर्नस्टाइल इंस्टालेशन का कार्य शुरू कर दिया। इंदौर में भी गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर-3 तक पांच स्टेशनों में सिस्टम इंस्टाल कर दिया गया था।
असिस गार्ड के उत्पाद एवं सेवाएं

तुर्की की असिस गार्ड रक्षा एवं सीमा सुरक्षा क्षेत्र में अग्रणी है। यह कंपनी रोटरी विंग सशस्त्र एवं निरस्त्र ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल विजन एवं सीमा सुरक्षा समाधानों के साथ-साथ सैन्य वाहन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी विकसित करती है।

असिस गार्ड' का अनुबंध खत्म तो सिर्फ,  टिकट सिस्टम मैन्यूवल करेंगे

मेट्रो अफसरों की माने तो कंपनी का अनुबंध खत्म करने की स्थिति में एक ही ऑप्शन बच रहा है, जो मैन्युवली टिकट सिस्टम है। दरअसल, 'असिस गार्ड’ के जिम्मे ही सबसे महत्वपूर्ण ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन यानी किराया लेने की पूरी प्रक्रिया का सिस्टम तैयार करने का काम है। जिसमें कार्ड के जरिए किराया लेने के बाद ही गेट खुलना भी शामिल है। यह कंपनी सिस्टम का पूरा मेंटेनेंस भी करेगी।

अनुबंध खत्म होने की स्थिति में कंपनी से काम नहीं लिया जा सकेगा। इसलिए मेट्रो कॉरपोरेशन मैन्युवली टिकट सिस्टम लागू कर सकता है। अफसरों के अनुसार, मैन्युवली सिस्टम के लिए अमला तैनात करना पड़ेगा। इसलिए प्लान तैयार कर रहे हैं। मेट्रो के जीएम (प्रोजेक्ट) अजय गुप्ता ने बताया, कंपनी के संबंध में वरिष्ठ स्तर पर चर्चा की जा रही है।

पूर्व मंत्री बोले-तुर्किए मेट्रो में विस्फोट भी कर सकता है कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि तुर्किए की कंपनी का ठेका तुरंत निरस्त होना चाहिए। भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर कंपनी ने जो सामान लगाया है, उसे बाहर निकाला जाए। तुर्किए पाकिस्तान का समर्थक है और भारत के खिलाफ उसके ड्रोन का इस्तेमाल हुआ है। यदि उसके इक्युपमेंट (संसाधन) मेट्रो स्टेशनों पर लगते हैं तो कोई भरोसा नहीं कि तुर्किए मेट्रो ट्रेन में विस्फोट भी कर दें। यदि अनुबंध निरस्त और सामान नहीं निकाला जाता है तो बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

मंत्री विजयवर्गीय के इस ट्विट के बाद मामला सुर्खियों में आया… 19 मई को शाम 6.58 बजे डॉ. मोहन सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने 'X' पर एक पोस्ट लिखी। जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि…भारत विरोधी मानसिकता का कोई स्थान नहीं। हमारे लिए राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है। जो भी भारत की संप्रभुता के विरुद्ध खड़ा होगा, वह चाहे कोई भी क्यों न हो, उसके साथ किसी भी प्रकार की सहानुभूति या सहयोग असहनीय है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button