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विदेश

सीजफायर की कहानी में ट्रंप ने डाला व्यापार धमकी का मसाला, भारत बोला- इतना भी झूठ न बोलो, किया खारिज

वाशिंगटन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सीजफायर की कहानी में  व्यापार धमकी का मसाला डालते हुए दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (Ceasefire) कराने के लिए अमेरिका ने दोनों देशों को व्यापार रोकने की धमकी  दी थी। ट्रंप के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज  कर दिया है।भारत ने साफ किया है कि संघर्षविराम को लेकर हुई चर्चाओं में व्यापार या दबाव जैसी कोई बात नहीं हुई थी। भारत के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत  का नतीजा था।

क्या कहा था डोनाल्ड ट्रंप ने?
व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि  “हमने भारत और पाकिस्तान से कहा कि अगर उन्होंने लड़ाई नहीं रोकी, तो अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा। जैसे ही यह बात कही, दोनों देश रुक गए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका की इस ‘सख्त चेतावनी’ ने  परमाणु युद्ध  को टाल दिया।“यह एक परमाणु युद्ध में बदल सकता था, जिससे लाखों लोग मारे जाते। हमने इसे रोक दिया।”

भारत का जवाब  
सरकारी सूत्रों ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति  जे. डी. वेंस  ने 9 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 और 10 मई को विदेश मंत्री  एस. जयशंकर और 10 मई को एनएसए अजीत डोभाल से बात की।सूत्रों के अनुसार, इन सभी बातचीतों में कहीं भी व्यापार रोकने या दबाव बनाने की कोई चर्चा नहीं हुई ।

 कैसे हुआ सीजफायर का फैसला?
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम की जानकारी सबसे पहले ट्रंप ने सार्वजनिक की थी। इसके बाद पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने भी पुष्टि की।इसके बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री  ने कहा कि यह फैसला दोनों देशों के DGMO स्तर की बातचीत के बाद हुआ। पाकिस्तान की ओर से पहल की गई थी, जिसके बाद आपसी सहमति से संघर्षविराम लागू किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश को संबोधित करते हुए बताया कि भारत ने आतंकवाद और पाकिस्तान के कायराना हमलों का पूरी ताकत से जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  तनाव कम करने की अपील  की।मोदी ने बताया कि 10 मई को पाकिस्तान ने भारत के DGMO से संपर्क कर संघर्षविराम पर चर्चा शुरू की।  ट्रंप के बयान भले ही चर्चा में हों, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि  सीजफायर किसी बाहरी दबाव का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय था।

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