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उत्तर प्रदेश

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 550 नवचयनित शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले– अब पारदर्शिता ही पहचान

लखनऊ

गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन के सभागार में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 543 नवचयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इस अवसर पर उन्होंने चयनित सभी अभ्यर्थियों को स्वयं अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे. नियुक्त होने वालों में 494 सहायक अध्यापक और 49 प्रवक्ता शामिल थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के विज्ञापन वर्ष 2018 और 2020 के अंतर्गत चयनित किया गया है.

543 शिक्षकों को बांटे गए नियुक्ति पत्र

कुल 543 नवचयनित शिक्षकों में से 494 को सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया, जिनमें 258 महिलाएं और 236 पुरुष शामिल हैं. इसके अलावा, प्रवक्ता पद के लिए चयनित 49 अभ्यर्थियों में 15 महिला और 34 पुरुष उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए.

सीएम योगी ने बताया कि अकेले माध्यमिक शिक्षा में 40 हजार से अधिक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं. इनमें 32 हजार शिक्षक एडेड कॉलेजों में और करीब 8 हजार माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त हुए हैं. वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग में 1.23 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति सरकार ने की है.

उन्होंने कहा कि पहले माध्यमिक शिक्षा बदनाम हो चुकी थी और बेसिक शिक्षा विभाग वीरान पड़ा था, लेकिन सरकार ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ जैसे कार्यक्रमों के ज़रिए शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया है. सीएम ने कहा कि पहले नकल के लिए कुछ जिले बदनाम थे और परीक्षा में 'प्रॉक्सी' (दूसरे के स्थान पर परीक्षा देना) का धंधा चलता था, जिसे अब सख्ती से बंद कराया गया है.

सीएम योगी ने यह भी कहा कि अब यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता नहीं है, बल्कि पूरे भारत में उत्तर प्रदेश को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में नई पहचान मिली है. उन्होंने नए शिक्षकों से अपील की कि वे शिक्षा के उन्नयन में योगदान दें और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को पूरा करने में तकनीक का सहारा लें.

चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी- सीएम योगी

इसके साथ ही कार्यक्रम में ITC लैब से सुसज्जित स्कूलों के प्रधानाचार्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और राजकीय इंटर कॉलेजों में बनने वाले 23 मिनी स्टेडियमों का शिलान्यास भी किया गया. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही और इसमें किसी भी प्रकार की सिफारिश को जगह नहीं दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि ‘मिशन रोजगार’ के तहत प्रदेश के युवाओं को लगातार रोजगार के अवसर मिल रहे हैं. सीएम योगी ने यह आश्वस्त किया कि राज्य में शिक्षकों की कमी को तेजी से दूर किया जा रहा है और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन और विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.

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