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मध्यप्रदेश

शहर के बीचों बीच स्थित समदड़िया माल में शाम करीब चार बजे एक के बाद एक दो बम गिरे, पांच घायल, आग लगी

जबलपुर
शहर के बीचों बीच स्थित समदड़िया माल में शाम करीब चार बजे एक के बाद एक दो बम गिरे। बम के धमाकों से माल की ऊपरी मंजिल पर आग लग गई। माल के प्रथम तल पर स्मोक बम भी आग गिरा और चारों तरफ धुंआ ही धुंआ हो गया। माल में चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। माॅल में हमले की खबर मिलते ही सायरन बज उठे। एक-एक कर पुलिस, एंबुलेेंस, नगर निगम के फायर फाइटर के वाहन सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए। एनडीआरएफ की टीम भी आ गई।

माॅल में फंसे लोगों को जमीन पर लेटने, टेबिल मेच के नीचे छिपने की सलाह देते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यु शुरू हो कर दिया।
चारों तरफ बारूद का धुंआ फैलने से लोगों काे सांस लेने में परेशानी हो रही थी लिहाजा लोगों को मास्क दिए गए और कपड़े से मुंह ढंकने की सलाह दी गई।
नगर निग के फायर फाइटर वाटर वाउचर से पानी की बौछारें कर आग बुझाने में जुटे रहे।
जबकि पुलिस और होमगार्ड के जवान सहित अन्य रेस्क्यु दल अन्य कर्मचारी माल में फंसे लाेगाें को सुरक्षित बहार निकालने में जुट गए।
आम नागरिकों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

पुलिस की एक टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी के लिए सुरक्षा चक्र बनाना शुरू कर दिया है तत्काल पुलिस ने प्लास्टिक की रिबन से क्षेत्र को कवर कर दिया है।
ताकि एक सुरक्षित दूरी बनी रहे और किसी बाहरी व्यक्तियों को नुकसान न पहुंचे। दरअसल ये सीन सिविल डिफेंस माकड्रिल का था।
पहलगांव में आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के बीच बने तनाव के हालात पर देश में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा को भी परखा जा रहा था।
सिविल डिफेंस माक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमलों और आतंकी गतिविधियों जैसे आपातकालीन हालात में देश की प्रतिक्रिया प्रणाली को परखना है।
पहलगाम हमले के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। इस अभ्यास में सभी स्तरों पर नागरिकों की भागीदारी से सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
इसी कड़ी में बुधवार को जबलपुर में समड़िया माल सहित गोहलपुर गारमेंट क्लस्टर, गाेरखपुर थाना और सिहोरा में इसी तरह की मॉकड्रिल की गई।

स्ट्रेचर कम पड़े तो कंधों पर उठाकर लाए
माक ड्रिल के तहत हुए सिविल डिफेंस की टीम सक्रिय हो गई थी। कलेक्टर, एसपी सहित निगमायुक्त भी पहुंच गए थे।
एनडीआरएफ, एनसीसी कैडेट्स और होमगार्ड के जवान बचाव एवं राहत कार्य में जुटे रहे। धमाके में धुएं के कारण माल के अंदर कई लोगों का दम घटने लगा तुरंत सिविल डिफेंस की टीम में सदस्य ने अनाउंसमेंट करते हुए लोगों को बचाव के तरीके बताए। रास्ता खाली कराया गया।
आकस्मिक रास्ते से धमाके में घायल हुए लोगों को बाहर निकल गया एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
माक ड्रिल के दौरान मरीज को निकालने के तरीके से लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचने तक के तमाम पहलुओं पर अभ्यास किया गया।
स्ट्रेचर कम पड़ने पर लोगों को कंधे में उठकर बाहर निकाला गया। चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को टर्न टेबल लैडर के जरिये उतारा गया।

 

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