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मध्यप्रदेश

मंत्री सुश्री भूरिया ने किया उदयपुरिया तालाब के जीर्णोद्धार का शुभारंभ

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आहवान पर 30 मार्च से प्रारंभ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। इसके लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये समाज के सहयोग से उपलब्ध जल संरचनाओं जैसे तालाब, पुराने कुंआ, और नदियों में श्रमदान के द्वारा स्वच्छता कार्य किये जा रहे हैं।

झाबुआ में मंत्री सुश्री भूरिया ने किया उदयपुरिया तालाब के जीर्णोद्धार का शुभारंभ
झाबुआ का उदयपुरिया तालाब का निर्माण वर्ष 1987 हुआ था। इसकी ऊंचाई 10 मी एवं क्षमता 0.29 एमसीएम है। इस तालाब से वर्तमान में लगभग 45 हैक्क्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत उद‌यपुरिया तालाब के गहरीकरण एवं कैचमेण्ट क्षेत्र की साफ-सफाई के काम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जोर्णोद्धार कार्य का भूमि-पूजन किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर में यह हमारा दायित्व है कि प्रकृति संरक्षण के सामुदायिक प्रयास किये जाएं। जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में शासन-प्रशासन के साथ जन‌भागीदारी आवश्य‌क है। कलेक्टर नेहा मीणा ने बताया कि विगत वर्ष जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किये गये कार्यों से जिले में सिंचाई के लिये पानी की उपलब्धता बनी रही, जिससे इस वर्ष गेहूँ का रकबा 86 हजार हेक्टेयर से 1.04 लाख हैक्टेयर से अधिक हो गया।

देवास के नामनपुर गांव में तालाब का गहरीकरण
देवास जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य कराए जा रहे हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। देवास के नामनपुर गांव में जनसहयोग से तालाब का गहरीकरण किया जा रहा है। गहरीकरण से बारिश के दिनों में पानी का संग्रहित होगा तथा वाटर लेवल भी बढ़ेगा, जिससे पेयजल के साथ खेती करने के लिए भी पानी मिल सकेगा। जिले में ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान जन अभियान बन रहा है। अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों एवं कुंड की साफ-सफाई की जा रही है। इनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। देवास के सिरोंज गांव में क्षिप्रा नदी और घाटों की सफाई की जा रही है। अभियान के लिए श्रमदान कर रहे ग्रामीणों ने क्षिप्रा नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दोहराया।

बुरहानपुर में पीपलपानी के देवल बैराज से निकाली गई गाद
जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्राम पीपलपानी के देवल बैराज से गाद निकालने का कार्य किया जा रहा है। जन सहयोग से हो बैराज के गहरीकरण से आने-वाले दिनों में क्षेत्र को लाभ मिलेगा। बुरहानपुर के देवल बैराज का निर्माण वर्ष 2020 में किया गया। इसकी कुल जल ग्रहण क्षमता 2.70 एमसीएस है और  इससे 190 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। बैराज से गाद की सफाई हो जाने पर उसमें वर्षा के जल का भराव होगा और इससे क्षेत्र में भूजल समृद्धि आयेगी।

अलीराजपुर में बन रहे अमृत सरोवर, मंत्री श्री चौहान ने किया भूमि-पूजन
जिले के कट्ठीवाड़ा जनपद के ग्राम अकोला में 22 लाख 67 हजार रुपये से निर्मित होने वाले अमृत सरोवर का भूमि-पूजन मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने किया।  मंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संचालित ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत अकोला में अमृत सरोवर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में लगभग 18 अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। अभियान के अंतर्गत 840 खेत तालाबों का निर्माण एवं प्राचीन कुओं बावड़ियों और जलाशयों का पुनरुद्धार किया जाएगा। इससे हमारे क्षेत्र में भू-जल स्तर में सुधार होगा और पानी से संबंधित समस्याओं से निजात मिलेगी। खेती के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता बनी रहेगी।

जबलपुर में प्राचीन गढ़ा बावड़ी का हो रहा पुनरुद्धार
जबलपुर में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जन सहभागिता आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान को जन-जन तक पहुंचाने एवं लोकव्यापीकरण के लिये सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से समाज को इन कामों में जोड़ा जा रहा है। जन सहयोग से पानी सहेजने के लिए नदियों में बोरी बंधान और हैंडपंपों के पास सोक-पिट्स का निर्माण भी किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नवांकुर संस्था और रचना बाल कल्याण समिति के संयोजन से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद निर्देशन में गढ़ा बावली के पुनरुद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

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