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छत्तीसगड़

आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाएं – विष्णु देव साय

रायपुर : आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था पर हो काम– विष्णु देव साय

आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाएं – विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के दिए निर्देश, सभी शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में हो सुधार

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे बड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर चर्चा कर विभाग द्वारा संचालित केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव और मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में अधिकारियों को शहरों में आने वाले दस वर्षों की जरूरत के हिसाब से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की कार्ययोजना बनाने और उन पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों के आउटर में विकसित हो रहे नए रिहायशी इलाकों में प्राथमिकता से उद्यान बनाने को कहा, ताकि बच्चों को खेलने-कूदने तथा बड़े-बुजुर्गों को वॉकिंग, जॉगिंग, योग और शारीरिक व्यायाम के साथ ही आमोद-प्रमोद की जगह सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों में अटल विश्वास पत्र पर प्रमुखता से अमल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शहरों में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करते हुए भारत सरकार द्वारा जारी स्वच्छता की अपनी वर्तमान रैंकिंग में सुधार लाने को कहा। उन्होंने शहरों को सुंदर और स्वच्छ बनाने जन भागीदारी बढ़ाने के साथ ही इंदौर जैसे बेहतर सफाई व्यवस्था वाले शहरों में नगर निगमों के आयुक्तों को अध्ययन के लिए भेजने को कहा।

मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शहरी आबादी से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में अन्य विभागों से समन्वय बनाकर बुनियादी शहरी सुविधाएं विकसित करने को कहा। इससे निकट भविष्य में समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों के नगरीय निकाय में शामिल होने या नए नगरीय निकाय के रूप में अस्तित्व में आने पर शहरों के मुताबिक व्यवस्थाएं और जन सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर देते हुए निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने वाले निकायों के लिए रिवार्ड-सिस्टम बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एप या ऑनलाइन सिस्टम तैयार करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने रायपुर नगर निगम की तरह अन्य नगरीय निकायों में भी संपत्ति कर की वसूली के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया। इससे लोग घर बैठे या अपने कार्यस्थल से ही मोबाइल या कम्प्यूटर से संपत्ति कर जमा कर सकेंगे जिससे राजस्व संग्रहण में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने अगले एक वर्ष में सभी निकायों में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मोर संगवारी योजना के तहत घर पहुंच दस्तावेज बनाने की व्यवस्था को केंद्र सरकार के डिजी-लॉकर से लिंक करने को कहा। इससे नागरिकों के दस्तावेज स्थायी रूप से उनके डिजी-लॉकर में सुरक्षित रहेंगे। इससे योजना संचालन के व्यय में भी कमी आएगी।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन सवेरे निकाय के अधिकारियों के साथ साफ-सफाई एवं विकास कार्यों के निरीक्षण के अच्छे परिणाम आ रहे हैं। इससे विभाग के कार्यों में कसावट के साथ ही निर्माण कार्यों की प्रगति एवं साफ-सफाई की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है। सभी नगरीय निकायों में वर्तमान जरूरतों के मुताबिक सेट-अप के पुनरीक्षण और निकायों के वर्गीकरण की कार्यवाही की जा रही है। बड़े विकास कार्यों, शहरों की आवश्यकता एवं भावी जरूरतों के मुताबिक शहरी विकास को गति देने इस साल मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में नगरीय निकायों में अधोसंरचना मद, 15वें वित्त आयोग एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति तथा सुडा (राज्य शहरी विकास अभिकरण) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के साथ ही विभिन्न निकायों में बन रहे अटल परिसरों तथा नालंदा परिसरों की प्रगति की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, राहुल भगत, डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का, उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव तथा सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे।

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