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छत्तीसगड़

पंचायतों को सशक्त बनाकर अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

रायपुर,

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाकर राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पंचायतें हमारी विकास यात्रा की पहली कड़ी हैं, और ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास देने का जो संकल्प लिया गया है, उससे जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत "मोर दुआर-साय सरकार" अभियान के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करते हुए 20 लाख से अधिक परिवारों के सर्वेक्षण पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

साय ने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए स्वीकृत आवासों के समय पर निर्माण और सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पीएम आवास से संबंधित कार्यों की रियल टाइम ट्रैकिंग पर विशेष जोर देते हुए किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने मनरेगा के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक रोजगार सृजन और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने पंचायती राज दिवस पर आरंभ "मोर गांव मोर पानी" महाअभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और उसमें भू-जल पुनर्भरण एवं जलग्रहण विकास के लिए GIS तकनीक के समावेश के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने 15वें वित्त आयोग, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना, महतारी सदन, जिला एवं जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना तथा स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को पंचायती राज दिवस पर सम्मानित करने की योजना पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने विभाग की आगामी कार्ययोजना में प्रौद्योगिकी निगरानी प्रणाली, संसाधन प्रबंधन, योजना समन्वय, तेज निर्माण और त्वरित लक्ष्य पूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया

नियद नेल्लानार योजना से ग्रामीणों को मिला नया संबल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने जानकारी दी कि नियद नेल्लानार योजना के तहत ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत 6,324 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। बस्तर संभाग की 4 ग्राम पंचायतों के 8 गांवों में पहली बार योजना के अंतर्गत कार्य प्रारंभ हुए हैं।

साथ ही 913 जॉब कार्डधारी परिवारों के 3,134 सदस्यों को पहली बार मनरेगा में रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री साय ने  स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नियद नेल्लानार योजना में शामिल गांवों के युवाओं के लिए प्राथमिकता से भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर अपनी खुशी जाहिर की और इसे निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्य में बन रही और प्रस्तावित सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों को मुख्य सड़कों से जोड़ने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने इन सड़कों के निर्माण, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के कार्यों को भी तय समय में पूर्ण करने पर बल दिया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 42 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आती हैं।

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही 'लखपति दीदी' की पहल

पंचायत विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के संकल्प के अनुरूप 'लखपति दीदी' पहल के तहत ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत प्रत्येक परिवार की एक महिला सदस्य को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर लाभकारी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया है।

कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं विभिन्न नवाचारों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को राज्य स्तरीय मेलों और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर विपणन हेतु उपलब्धता प्रदान कर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।उन्होंने ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे के निपटान, और स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता पर चल रहे अभियानों की जानकारी ली।

उन्होंने ओडीएफ प्लस के तहत खुले में शौच से मुक्त हुए गांवों की प्रगति की समीक्षा की और इज ऑफ लिविंग एंड रिफॉर्म्स के मुद्दों पर भी अधिकारियों से विमर्श किया। मुख्यमंत्री साय ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छता से जुड़ी नवाचार गतिविधियों की जानकारी ली और अन्य राज्यों में लागू बेस्ट प्रैक्टिसेस का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ में भी उसे लागू करने की बात कही।

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव पंचायत भीम सिंह, विशेष सचिव पंचायत धर्मेश साहू, आयुक्त मनरेगा तारन प्रकाश सिन्हा तथा सुजयजैन सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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