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छत्तीसगड़

वीआईटी भोपाल में “मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में नवीनतम प्रगति” पर संगोष्ठी का आयोजन

भोपाल,

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के उन्नत विज्ञान एवं भाषाओं के स्कूल के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “मैटेरियल्स और कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में नवीनतम प्रगति” विषय पर एक संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस आयोजन में अग्रणी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया और मटेरियल साइंस तथा कम्प्यूटेशनल केमिस्ट्री और फिजिक्स में नवीनतम विकास पर विचार-विमर्श किया।

संगोष्ठी में कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने व्याख्यान दिया। डॉ. मृगेन्द्र दुबे, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर, ने उन्नत मैटेरियल्स और जेल सिस्टम्स पर व्याख्यान दिया और उनके विविध औद्योगिक उपयोगों पर प्रकाश डाला। डॉ. स्रीमंता पाखिरा, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईटी इंदौर, ने क्वांटम अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किए गए मैटेरियल्स के बारे में बताया और आधुनिक तकनीकी विकास में उनकी भूमिका पर चर्चा की।

नोबेल पुरस्कार से संबंधित विशेष सत्र में डॉ. राकेश श्रीवास्तव, डॉ. दीपंकर सूत्रधार, और डॉ. पूजा वर्मा ने अपने शोध कार्यों को साझा किया। डॉ. सूत्रधार ने मैटेरियल्स की इलेक्ट्रॉनिक संरचना और गुणधर्मों पर जानकारी दी, जबकि डॉ. श्रीवास्तव ने कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. वर्मा ने QM/MM (क्वांटम मेकेनिक्स/मॉलिक्यूलर मेकेनिक्स) विधि के बारे में बताया, जिसे 2013 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार मिला था, और इसके द्वारा जटिल आणविक प्रक्रियाओं को समझने की महत्ता को समझाया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. हेमंत कुमार नाशिने, डीन, स्कूल ऑफ एडवांस्ड साइंसेज़ एंड लैंग्वेजेस, और डॉ. महेन्द्रन बोटलागुंटा, असिस्टेंट डीन (रिसर्च), वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषणों में उन्होंने वैश्विक वैज्ञानिक चुनौतियों का समाधान खोजने हेतु सहयोगात्मक और बहु-विषयक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया।

संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, पीएचडी शोधार्थी, स्नातक और स्नातकोत्तर छात्र सक्रिय रूप से शामिल हुए। छात्रों को विशेषज्ञों के साथ बातचीत करने, अपने शोध विचार साझा करने और अनुसंधान और विकास में भविष्य की संभावनाओं पर मार्गदर्शन प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिला।

इस कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. सुब्रत नाथ और डॉ. विपिन कुमार मिश्रा द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह संगोष्ठी वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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