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विदेश

इजरायल की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हमास के हौंसले पस्त, शर्तों के साथ समझौते के लिए राजी

गाजा

इजरायल की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हमास के हौंसले पस्त होते नजर आ रहे हैं। फिलिस्तीन के इस कट्टरपंथी संगठन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा में कहा है कि वह गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के वास्ते सभी बंधकों को छोड़ने के लिए तैयार है। हमास ने कहा है कि वह इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले सभी इजरायली बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार है। यह बयान हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हय्या ने गुरुवार को एक टेलीविजन भाषण में दिया। इस प्रस्ताव को गाजा में डेढ़ साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक संभावित कदम के रूप में देखा जा रहा है।
हमास का प्रस्ताव

हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हय्या ने कहा, "हम एक व्यापक समझौते के लिए तैयार हैं, जिसमें सभी इजरायली बंधकों की रिहाई, इजरायल में कैद फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई, गाजा युद्ध का अंत और क्षेत्र के पुनर्निर्माण की शुरुआत शामिल हो।" हालांकि, हमास ने स्पष्ट किया कि वह इजरायल की उस मांग को स्वीकार नहीं करेगा जिसमें उसे अपने हथियार डालने होंगे। अल-हय्या ने इजरायल के 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया, जिसमें हमास के हथियार डालने की शर्त शामिल थी।

हमास ने यह भी कहा कि कोई भी समझौता स्थायी युद्धविराम, इजरायली सेना की पूर्ण वापसी और गाजा के पुनर्निर्माण की गारंटी पर आधारित होना चाहिए। एक वरिष्ठ फिलिस्तीनी अधिकारी ने कहा, "इजरायल का नवीनतम प्रस्ताव युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा नहीं करता और केवल बंधकों को प्राप्त करना चाहता है।"
संघर्षविराम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे नेतन्याहू- हमास

अल-हय्या ने इजराइल द्वारा प्रस्तावित 45 दिन की अस्थायी संघर्षविराम योजना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अब हमास किसी भी "आंशिक समझौते" को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संघर्षविराम का इस्तेमाल केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। उन्होंने रॉयटर्स के हवाले से कहा, "नेतन्याहू और उनकी सरकार आंशिक समझौतों का इस्तेमाल अपनी उस राजनीतिक नीति को आगे बढ़ाने के लिए करते हैं, जिसका मकसद नरसंहार और भुखमरी के जरिए युद्ध को जारी रखना है — भले ही इसके लिए अपने ही बंधकों की बलि क्यों न देनी पड़े। हम इस नीति को लागू करने का हिस्सा नहीं बनेंगे।"

हमास की इस सख्त स्थिति से मिस्र के मध्यस्थों द्वारा युद्धविराम को बहाल करने की कोशिशों को और झटका लग सकता है। काहिरा में इस हफ्ते हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। हमास ने इजरायल की उस मांग को भी खारिज कर दिया है, जिसमें संगठन से अपने हथियार छोड़ने की शर्त रखी गई थी। हमास ने साफ कहा है कि वह तभी बचे हुए 59 इजराइली बंधकों को छोड़ेगा, जब इजराइल युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर सहमत होगा।
इजरायल ने तेज किए हमले

इधर, इजरायली सेना ने गाजा पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। गुरुवार को हुए हवाई हमलों में गाजा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कम से कम 32 फिलिस्तीनियों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जबालिया में संयुक्त राष्ट्र संचालित एक स्कूल पर हमले में छह लोगों की जान गई। इजराइल ने दावा किया कि वहां एक हमास कमांड सेंटर था।

वहीं, हमास ने यह जानकारी दी कि इजरायली-अमेरिकी सैनिक एडन अलेक्जेंडर को बंधक बनाकर रखने वाले लड़ाकों से उनका संपर्क टूट गया है। बताया गया कि जिस स्थान पर अलेक्जेंडर को रखा गया था, वहां इजराइली हमले हुए। हमास ने एक वीडियो संदेश में बंधकों के परिवारों को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसे हमलों में उनके प्रियजन मारे जा सकते हैं।
2023 से चल रहा संघर्ष

यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास ने दक्षिणी इजरायल पर एक आश्चर्यजनक हमला किया, जिसमें इजरायली अधिकारियों के अनुसार 1,200 लोग मारे गए और 251 लोग बंधक बनाए गए। इसके जवाब में, इजरायल ने गाजा पर व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक 51,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। हमास का कहना है कि वर्तमान में उसके पास 59 बंधक हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने की उम्मीद है।
इजरायल में जनता का दबाव

इजरायल में, बंधकों की रिहाई को प्राथमिकता देने की मांग बढ़ रही है। सैकड़ों पूर्व मोसाद और वायुसेना कर्मियों ने सरकार से युद्ध को रोककर बंधकों की रिहाई पर ध्यान देने का आह्वान किया है। तेल अवीव में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां लोग बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए समझौते की मांग कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी, योना श्निट्जर ने कहा, "गाजा में बंधकों की स्थिति सामान्य नहीं होनी चाहिए। यह दिल दहलाने वाला है।"

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