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राजनीति

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने जिलास्तर पर बड़े बदलाव की योजना बनाई, 50% से अधिक जिलाध्यक्ष नपेंगे !

भोपाल
 मध्य प्रदेश कांग्रेस में जल्द ही बड़े बदलाव होने वाले हैं। पार्टी 50% से ज्यादा जिला अध्यक्षों को बदलने की तैयारी कर रही है। यह फैसला पिछले चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है। नए अध्यक्षों की घोषणा अहमदाबाद में होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद होने की संभावना है। इस बदलाव का मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना है ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

10 से 12 साल से बने हैं जिलाध्यक्ष

पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष ने इस लिस्ट को फाइनल कर लिया है। 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद इसकी घोषणा हो सकती है। कई जिलों में अध्यक्ष 10 से 12 साल से पद पर बने हुए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में अध्यक्ष वरिष्ठ नेता कमलनाथ के कार्यकाल में बने थे। अब प्रदेश अध्यक्ष पटवारी अपनी टीम बनाने की तैयारी में हैं।
लंबे समय से पद पर बने हैं ये लोग

ग्वालियर शहर के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, उज्जैन ग्रामीण के अध्यक्ष कमल पटेल और शहडोल के जिला अध्यक्ष सुभाष गुप्ता 2018 से पद पर हैं। सतना के शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद लगभग 12 साल से और ग्रामीण अध्यक्ष दिलीप मिश्रा 10 साल से पद पर हैं। नीमच के अध्यक्ष अनिल चौरसिया 7 साल से और विश्वनाथ ओकटे 4 सालों से पद पर हैं। खंडवा, रायसेन जैसे कई जिलों में कई सालों से जिला अध्यक्ष ही नहीं हैं।
राहुल गांधी से हुई थी चर्चा

3 अप्रैल को राहुल गांधी के साथ हुई चर्चा में जिला अध्यक्षों ने नियुक्तियों और टिकट की प्रक्रिया में अधिकार मांगे थे। राहुल ने कहा था कि उन्हें पार्षद से लेकर लोकसभा में टिकट प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव बनेगा। साथ ही पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। इसका मतलब है कि जिला अध्यक्षों को टिकट बंटवारे में भी अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
अहमदाबाद के बाद एमपी में पार्टी को मजबूत करेगी कांग्रेस

पीसीसी मीडिया विभाग के चेयरमैन मुकेश नायक ने कहा कि अहमदाबाद के राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद कांग्रेस मध्य प्रदेश में संगठन को मजबूत करेगी। इसके बाद प्रदेश में अधिक प्रभावी भूमिका में सरकार के सामने आएगी। उनका कहना है कि पार्टी संगठन को मजबूत करके सरकार को टक्कर देने के लिए तैयार है।
नए लोगों को भी मिलेगा मौका

बदलाव में उन जिला अध्यक्षों को हटाया जाएगा जो कई सालों से पद पर हैं। साथ ही उन अध्यक्षों को भी हटाया जाएगा जिनके क्षेत्र में कांग्रेस का प्रदर्शन चुनावों में कमजोर रहा है। पार्टी का मानना है कि नए लोगों को मौका देने से संगठन में नई ऊर्जा आएगी।
फाइनल हुई लिस्ट

पार्टी सूत्रों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष इस लिस्ट को फाइनल कर चुके हैं। अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद घोषणा होने की संभावना है। इसका मतलब है कि जल्द ही नए जिला अध्यक्षों के नामों का ऐलान हो सकता है। कई जिलों में अध्यक्ष काफी लंबे समय से पद पर हैं। कोई 10 साल से तो कोई 12 साल से अध्यक्ष बना हुआ है। अब पार्टी नए चेहरों को मौका देना चाहती है।

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