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मध्यप्रदेश

एमपी में गर्मी का कहर, रतलाम का पारा 43 डिग्री के करीब, भोपाल भी तपा, जानें आज का हाल

भोपाल
. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में दिन का तापमान बढ़ता जा रहा है. अप्रैल का पहला हफ्ता खत्म होते ही गर्मी ने दस्तक दे दी है. रविवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा. तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया. रतलाम में दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. प्रदेश में चल रही गर्म हवाओं के कारण कई शहरों में लू का अहसास हो रहा है. भोपाल में शनिवार के मुकाबले दिन के तापमान में 1.5 डिग्री का इजाफा हुआ.

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दोपहर में गर्म हवाएं चलीं. भोपाल का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, रात का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री की गिरावट के साथ 20 डिग्री दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में प्रदेश का तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई है. राजस्थान से आ रही सूखी गर्म हवाओं और तेज सोलर रेडिएशन से गर्मी और बढ़ने के आसार हैं.

रतलाम में सबसे ज्यादा गर्मी
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इसके अलावा नर्मदापुरम में 42.2 डिग्री, खजुराहो में 42 डिग्री, गुना और उज्जैन में 41 डिग्री और भोपाल में 40.5 डिग्री दर्ज हुआ. न्यूनतम तापमान की बात करें तो पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में सबसे कम 14.4 डिग्री, सीधी में 15.8 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल) में 16 डिग्री, उमरिया में 17.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 17.6 डिग्री दर्ज हुआ.

भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन में सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री के पार प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पड़ रही है। रविवार को भोपाल में सुबह से ही तेज धूप खिली रही। गर्म हवाओं के कारण तापमान 40.5 डिग्री पहुंच गया। ग्वालियर में 40 डिग्री और उज्जैन में 41 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।

वहीं, नर्मदापुरम में 42.2 डिग्री, खजुराहो (छतरपुर) में 42 डिग्री, गुना में 41 डिग्री, मंडला में 40.5 डिग्री, दमोह में 40.4 डिग्री, शाजापुर, धार-टीकमगढ़ में 40.3 डिग्री, नौगांव (छतरपुर), सागर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। अन्य शहरों की बात करें तो यह इंदौर में 39.8 डिग्री और जबलपुर में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसी तरह सतना में 39.9 डिग्री, मलाजखंड में 39.5 डिग्री, खरगोन-छिंदवाड़ा में 39.4 डिग्री, सिवनी में 39.2 डिग्री और बैतूल में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

आगे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- पिछले दिनों एक्टिव रहा ओले-बारिश का सिस्टम आगे बढ़ गया है। अब राजस्थान से जुड़े जिलों में हीट वेव का असर देखने को मिलेगा। 8 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने का अनुमान है। इसकी वजह से पूर्वी हिस्से में मौसम बदला रहेगा।

कहीं बारिश तो कही लू का अलर्ट
प्रदेश में अगले तीन दिन तक गर्मी बढ़ेगी। वहीं 9 अप्रैल को बालाघाट, डिंडोरी, सिंगरौली, मंडला और अनूपपुर में बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। जबकि, प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में लू की चेतावनी जारी की गई है।

अप्रैल में 7 से 10 दिन चल सकती है लू मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पहले और दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दूसरे सप्ताह से लू भी चलेगी। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पार हो सकता है।

मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया- इस बार तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में अप्रैल महीने में 7 से 10 दिन तक हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिल सकता है।

ऐसे रहेंगे अगले 4 सप्ताह…

पहला सप्ताह: रात का तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा (21-24 डिग्री) बना रहेगा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 42 डिग्री तक रह सकता है। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 38 से 41 डिग्री के बीच रहेगा। लगभग सभी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पहले सप्ताह में लू नहीं चलेगी।

दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा यानी 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य यानी 22-24 डिग्री बना रहेगा। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से बढ़कर 41 से 43 डिग्री सेल्सियस रहेगा। 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। इस दौरान बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं।

तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।

चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक यानि 27 से 30 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा 43-45 डिग्री जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित बाकी प्रदेश में 41 से 44 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है।

अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा मध्यप्रदेश में मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसी ट्रेंड के अनुसार अगले 3 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है।

अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मार्च महीने के आखिरी में ही टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट हुई। अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा।

अब जानिए, 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी के बारे में… मध्यप्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया।

ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।

भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है।

20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था।

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